आयुर्वेद के अनुसार शंखपुष्पी को अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।शंखपुष्पी के पौधे के फूलों का आकार शंख की आकृति के समान होता है।यह पौधा बारिश के मौसम में खिल उठता है।इस पौधे की तीन प्रजातियां हैं --१ लाल शंखपुष्पी ,२ नीला शंखपुष्पी , ३ सफेद शंखपुष्पी| इन सभी में सफेद शंखपुष्पी को उत्तम एवं अनेक औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है ।इस पौधे की ऊंचाई १ से २ फुट तक होती है ।इस औषधीय पौधे की पत्तियां ४ सेंटीमीटर तक लम्बी हो सकती हैं।इस पौधे के फल छोटे ,मुलायम और भूरे रंग के होते हैं ।इस पौधे से प्राप्त फल फूल ,जड़ और पत्तों का इस्तेमाल प्राचीन काल से अनेक बिमारियों की रोकथाम के लिए होता आ रहा है ।यह पौधा भारत देश के अंदर मैदानी भागों में विकसित होता है भारत के अलावा यह औषधीय पौधा श्रीलंका और म्यांमार के कुछ भागों में पाया जाता है ।मानसिक रोगों को दूर करने और स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए शंखपुष्पी एक महत्वपूर्ण जड़ी बूटी साबित होता है ।इस लेख में हम शंखपुष्पी के आयुर्वेदिक गुणों के बारे में विस्तारपूर्वक जानेगें ।
व्याख्या- इस श्लोक में कहा गया है कि शंखपुष्पी कषाय रस से युक्त ,उष्णवीर्य ,सारक मेधा के लिए लाभकारी ,वृष्य ,मानसिक रोग को दूर करने वाली ,रसायन तथा स्मृति शक्ति ,कान्ति,बल ,जठराग्नि ,एवं वात पित्त कफ को संतुलित रखने वाली ,अपस्मार भूतबाधा ,दरिद्रता ,कुष्ठ ,त्वचा रोग और विष को खत्म करने वाली होती है।
एक शोध के अनुसार अगर व्यक्ति किसी चीज के ऊपर ध्यान लगाने में असफल हो जाता है तो वह मानसिक रूप से कमजोर है। इस बीमारी को दूर करने के लिए उसको शंखपुष्पी का उपयोग करना फायदेमंद साबित होता है ।शंखपुष्पी का नियमित सेवन मानसिक रोगों को दूर करने के साथ साथ मस्तिष्क की थकान को भी दूर करने में सहायक होता है।इसके उपयोग के लिए आपको शंखपुष्पी चूर्ण को सुबह और शाम गुनगुने पानी के साथ सेवन करना लाभकारी साबित होता है ।
आयुर्वेद के अनुसार शंखपुष्पी को संसरण शक्ति को बढ़ाने की रामबाण औषधि माना गया है ।अगर किसी की याददाश्त कमजोर है तो उसके लिए यह बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है ।मस्तिष्क से संबंधित किसी भी समस्या को दूर करने में यह औषधि का काम करती है ।इसके इस्तेमाल के लिए आपको शंखपुष्पी चूर्ण को नियमित रूप से रात को सोने से पहले देसी गाय के दूध के साथ सेवनकरना फायदेमंद साबित होता है ।
आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार आपको बहुत ज्यादा कार्य करने की वजह से अगर सर में बहुत ज्यादा वेदना रहती है तो इस समस्या को दूर करने के लिए शंखपुष्पी के काढ़े का नियमित सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित होता है।यह प्रयोग आपके सिर की वेदना को जल्दी दूर करने के साथ साथ मस्तिष्क को अनेक बिमारियों से भी सुरक्षित रखने में सहायक साबित होता है ।
अक्सर देखा जाता है कि लोग अत्यधिक कार्य कि वजह से खाना पीना छोड़ देते है या फिर उनको भूख नहीं लगती जिसकी वजह से वह अनेक बिमारियों से ग्रसित हो जाते हैं ।शंखपुष्पी के अंदर पाचन शक्ति को दुरुस्त रखने और भूख को बढ़ाने वाले अनेक गुण पाए जाते हैं।इसके उपयोग के लिए आपको शंखपुष्पी के फूलों से काढ़ा तैयार करके उसको सुबह खाली पेट सेवन करना लाभदायक साबित होता है ।
-खराब दिनचर्या और गलत खान पान कि वजह से आज लोगों में उच्चरक्तचाप कि समस्या सामान्य सी हो गयी है जो आगे चल कर आपके लिए हानिकारक साबित हो सकती है ।इस हानिकारक बीमारी को दूर करने के लिए शंखपुष्पी का काढ़ा लाभदायक साबित होता है ।इसके उपयोग के लिए आपको ५ से ६ शंखपुष्पी के फूलों को १ गिलास पानी में उबाल लेना चाहिए और जब पानी आधा रह जाए तो उसके सुबह खाली पेट सेवन करना आपके रक्त चाप को संतुलित रखने के साथ साथ शरीर में रक्त को स्वच्छ और सामान्य बनाए रखने में सहायक साबित होता है ।
एक शोध के अनुसार आज व्यक्ति ने अपने गलत खान पान और खराब दिनचर्या से अपनी यौन शक्ति को कमजोर कर लिया है जिसकी वजह से पति पत्नी का संबंध आपस में खराब हो जाता है । इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए आपको शंखपुष्पी के फूलों से आरक तैयार करके उसको सुबह और शाम खाली पेट सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता होता है ।इस प्रयोग का रोजाना सेवन आपके शरीर में शुक्राणुओं की कमी को जल्दी ठीक करने के साथ साथ यौन शक्ति को teji तेज़ी से बढ़ाने में असरदार साबित होता है ।
आयुर्वेद के अनुसार शंखपुष्पी के अंदर भरपूर मात्रा में एंटी आक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो आपके शरीर में वात और कफ दोष को संतुलित रखने में लाभकारी साबित होता है ।इसके साथ साथ यह शरीर पित्त रस की मात्रा को सामान्य बनाए रखती है ।इसके इस्तेमाल के लिए आपको शंखपुष्पी के पत्तों से अर्क तैयार करके उसको सुबह और शाम नियमित सेवन करना शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है
अगर आपको पेशाब करते समय दर्द ,जलन या फिर पेशाब रुक रुक के आने की परेशानी है तो आपको शंखपुष्पी का काढ़ा सेवन करना लाभकारी साबित होता है ।इसके इस्तेमाल के लिए आपको शंखपुष्पी की जड़ से काढ़ा तैयार करके उसको सुबह खाली पेट रोजाना सेवन करना आपके मूत्राशय को स्वस्थ और बिमारियों से सुरक्षित रखता है ।
DR. Vikram Chauhan, MD - AYURVEDA is an expert Ayurvedic practitioner based in Chandigarh, India and doing his practice in Mohali, India. He is spreading the knowledge of Ayurveda Ancient healing treatment, not only in India but also abroad. He is the CEO and Founder of Planet Ayurveda Products, Planet Ayurveda Clinic, and Krishna Herbal Company. For more info visit our website: http://www.planetayurveda.com